तेहरान, 22 मार्च 2026 – ईरान की वायु रक्षा इकाई ने दावा किया है कि उसने देश के दक्षिणी तट के निकट होर्मुज द्वीप के आसपास के हवाई क्षेत्र में घुसपैठ कर रहे एक दुश्मन F-15 लड़ाकू विमान को निशाना बनाकर ढहा दिया है। इस दावे ने पहले से ही तनावग्रस्त पश्चिम एशिया में सैन्य टकराव की आशंकाओं को और हवा दे दी है।
ईरान की सरकारी प्रसारण संस्था ने रविवार को वायु रक्षा कमान के हवाले से यह जानकारी सार्वजनिक की। बयान में कहा गया कि देश के दक्षिणी हिस्से में हवाई सीमा का उल्लंघन करते हुए आगे बढ़ रहे इस विमान को राडार पर ट्रैक कर उचित कार्रवाई करते हुए नष्ट कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार विमान के मलबे और पायलटों की स्थिति का पता लगाने के लिए जांच जारी है ।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब क्षेत्र में अमेरिकी और ईरानी सेनाओं के बीच आमना-सामने की स्थिति बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक दिन पहले ही ईरान को 48 घंटे की समय सीमा देते हुए चेतावनी दी थी कि अगर होर्मुज जलमार्ग को यातायात के लिए नहीं खोला गया तो ईरान के ऊर्जा संयंत्रों को निशाना बनाया जाएगा ।
वीडियो फुटेज भी किया गया जारी
ईरानी मीडिया ने इस दावे के समर्थन में एक वीडियो क्लिप भी प्रसारित की है, जिसमें आसमान में विस्फोट के दृश्य देखे जा सकते हैं। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ने इस फुटेज को वायु रक्षा बलों द्वारा उपलब्ध कराए जाने की जानकारी दी है । रिपोर्ट्स के अनुसार, जमीनी स्तर से संचालित होने वाली मिसाइल प्रणाली के जरिए इस विमान को ढहाया गया।
हालांकि, अमेरिकी सैन्य अधिकारियों की ओर से अब तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इससे पहले भी ईरान ने कई बार अमेरिकी विमानों को मार गिराने का दावा किया था, जिन्हें अमेरिकी केंद्रीय कमान ने बेबुनियाद करार देते हुए खारिज कर दिया था ।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे दावे
पिछले कुछ हफ्तों में ईरान द्वारा अमेरिकी लड़ाकू विमानों को मार गिराने के कई दावे किए जा चुके हैं। इसी महीने की शुरुआत में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दक्षिण-पश्चिमी सीमा के पास एक अमेरिकी F-15E विमान को नष्ट करने का दावा किया था। उस समय अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इन रिपोर्ट्स को पूरी तरह से झूठा बताते हुए खारिज कर दिया था ।
बता दें कि फरवरी के अंतिम सप्ताह में शुरू हुए इस सैन्य संघर्ष में ईरान ने अब तक 200 से अधिक दुश्मन के विमानों, ड्रोनों और क्रूज मिसाइलों को नष्ट करने का दावा किया है । इससे पहले ईरान ने कुवैत के हवाई क्षेत्र में भी एक अमेरिकी F-15 को मार गिराए जाने की बात कही थी, जबकि बाद में खुलासा हुआ कि कुवैती वायु रक्षा बल ने एक ईरानी हमले के दौरान भूलवश तीन अमेरिकी F-15E विमानों को मार गिराया था ।
होर्मुज जलमार्ग पर जारी है संकट
होर्मुज द्वीप के पास यह घटना ऐसे समय में हुई है जब होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों का आवागमन लगभग ठप पड़ा हुआ है। यह जलमार्ग दुनिया के कुल कच्चे तेल उत्पादन का लगभग पांचवां हिस्सा ढोने का काम करता है। संघर्ष शुरू होने के बाद से इस रास्ते से गुजरने वाले टैंकरों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है ।
ईरान ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वह इस जलमार्ग को पूरी तरह से बंद नहीं कर रहा है, बल्कि अमेरिका और इजरायल से संबंधित देशों के जहाजों के लिए इसे प्रतिबंधित कर रहा है। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के एक सदस्य ने यह भी बताया है कि इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों से ट्रांजिट शुल्क के रूप में बड़ी रकम वसूली जा रही है ।
क्षेत्र में तनाव की स्थिति वैश्विक चिंता का विषय
इस पूरे सैन्य टकराव की शुरुआत फरवरी के अंत में हुई थी, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान के अंदर कुछ सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने क्षेत्र में अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं ।
इन हमलों में अब तक ईरान में एक हजार से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर है, वहीं इजरायल और खाड़ी देशों में भी कई नागरिक हताहत हुए हैं ।
अमेरिकी सेना ने अब तक ईरान के अंदर एक हजार से अधिक ठिकानों पर हमले करने और कई ईरानी युद्धपोतों को नष्ट करने का दावा किया है । वहीं, ईरान ने भी अमेरिकी जहाजों और सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमलों की पुष्टि की है।
आने वाले दिनों में इस नवीनतम दावे की सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी। फिलहाल, पश्चिम एशिया में तनाव का यह दौर लगातार गहराता जा रहा है, जिससे पूरी दुनिया की निगाहें इस क्षेत्र पर टिकी हुई हैं।
