नई दिल्ली, 22 मार्च 2026 – पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति प्रभावित होने के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। इस बैठक में पेट्रोलियम उत्पादों, कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, बिजली और उर्वरक क्षेत्रों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई ।
प्रधानमंत्री आवास पर हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन, विदेश मंत्री एस जयशंकर, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल सहित 13 कैबिनेट मंत्री मौजूद रहे ।
बैठक का उद्देश्य: निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना
बैठक में मुख्य ध्यान देशभर में पेट्रोलियम उत्पादों, बिजली और उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने पर केंद्रित रहा। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वैश्विक घटनाक्रमों पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि उपभोक्ताओं और उद्योगों के हितों की रक्षा की जा सके ।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को बताया कि देश में कच्चे तेल की आपूर्ति और रिफाइनरी परिचालन सामान्य बना हुआ है। पेट्रोल और डीजल के भंडार पर्याप्त मात्रा में हैं और देश भर के खुदरा केंद्रों पर किसी भी प्रकार की कमी की सूचना नहीं है ।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट का असर
ईरान के नियंत्रण वाला होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के कुल तेल परिवहन का एक बड़ा हिस्सा संभालता है। इस संघर्ष के कारण इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही पर गंभीर असर पड़ा है, जिससे भारत सहित कई देशों की ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है ।
सरकारी स्रोतों के अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों में केंद्र सरकार ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। भारत ने खाड़ी देशों पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए कच्चे तेल और गैस के आयात स्रोतों में विविधता लाई है। अब देश का अधिकांश तेल आयात अमेरिका, रूस और अफ्रीकी देशों से किया जा रहा है ।
एलपीजी आपूर्ति पर क्या है स्थिति?
रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी की उपलब्धता सामान्य बनी हुई है। किसी भी वितरक केंद्र पर सिलेंडर की कमी नहीं है और ऑनलाइन बुकिंग का स्तर संतोषजनक बना हुआ है ।
सरकार ने एलपीजी आयात के स्रोतों में भी विविधता लाते हुए अमेरिका से भी रसोई गैस की खरीद शुरू कर दी है। हाल ही में टेक्सास से लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) लेकर आया एक कार्गो जहाज मैंगलुरु के न्यू मैंगलोर पोर्ट पर पहुंचा है ।
इसके अलावा, सरकार ने राज्यों को एलपीजी का अतिरिक्त कोटा आवंटन करने की अनुमति दी है, जिसमें अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और सामुदायिक रसोई को प्राथमिकता दी जा रही है ।
पीएनजी और सीएनजी आपूर्ति सामान्य
घरेलू पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य जारी है। सरकार ने उपभोक्ताओं से एलपीजी से पीएनजी की ओर शिफ्ट होने का अनुरोध किया है, जहां यह संभव हो ।
सरकार ने सिटी गैस वितरण कंपनियों को पीएनजी कनेक्शन तेजी से देने और घरेलू एवं व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं के लिए प्रोत्साहन देने के निर्देश दिए हैं ।
जहाजरानी और भारतीय नाविकों की सुरक्षा
शिपिंग मंत्रालय के अधिकारियों ने जानकारी दी कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में सभी भारतीय जहाज और भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटे में किसी भी समुद्री घटना की सूचना नहीं है ।
न्यू मैंगलोर पोर्ट ने कच्चे तेल और एलपीजी के लिए कार्गो से जुड़े कुछ शुल्कों में छूट देने का सर्कुलर जारी किया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश के किसी भी बंदरगाह पर कोई भीड़भाड़ नहीं है ।
मुनाफाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती
केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को ईंधन की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। अब तक देशभर में कई छापेमारी की जा चुकी है, जिसमें बड़ी संख्या में सिलेंडर जब्त किए गए हैं ।
तेल विपणन कंपनियों ने कई ईंधन स्टेशनों और एलपीजी वितरकों पर निरीक्षण किया है। राज्यों को मुनाफाखोरी रोकने के लिए संबंधित कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है ।
पीएम मोदी का ईरानी राष्ट्रपति से संवाद
बैठक से एक दिन पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से टेलीफोन पर बातचीत की थी। इस वार्ता के दौरान पीएम मोदी ने ईद और नवरोज के अवसर पर शुभकामनाएं दीं और क्षेत्र में बुनियादी ढांचे पर हमलों की निंदा की ।
प्रधानमंत्री ने समुद्री मार्गों की सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता को बनाए रखने के महत्व को दोहराया। उन्होंने ईरान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए ईरान के निरंतर समर्थन की सराहना भी की ।
सरकार का संदेश: घबराने की जरूरत नहीं
बैठक के बाद सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, सीएनजी और पीएनजी की आपूर्ति सामान्य है। रिफाइनरियां पूरी क्षमता से चल रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है ।
सरकार ने जनता से अपील की है कि वह अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराहट में अतिरिक्त बुकिंग न करें। उपभोक्ताओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करने और होम डिलीवरी सिस्टम पर भरोसा करने की सलाह दी गई है ।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि पश्चिम एशिया में उत्पन्न स्थिति ने वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र में चुनौतियां खड़ी कर दी हैं, जिसे धैर्य और जनसहभागिता के साथ संभालना एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है ।
नोट: यह लेख विभिन्न समाचार स्रोतों और सरकारी बयानों पर आधारित है। नई जानकारी मिलने पर घटनाओं के विवरण में बदलाव संभव है।
