तेहरान/वाशिंगटन, 24 मार्च 2026 — अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत को लेकर अटकलों के बीच मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। मंगलवार तड़के ईरान ने इजरायल पर मिसाइलों की कई लहरें दागीं, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले को 5 दिन के लिए स्थगित करने का ऐलान किया।
हालांकि, ट्रंप के इस दावे के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने किसी भी तरह की वार्ता से साफ इनकार कर दिया। ईरानी संसद अध्यक्ष ने इसे “फेक न्यूज” करार दिया और कहा कि ट्रंप के बयानों का मकसद तेल बाजारों में हेराफेरी करना है।
🔥 जंग जारी: ईरान ने इजरायल पर दागीं मिसाइलें
मंगलवार तड़के ईरान ने इजरायल पर मिसाइलों की कई लहरें दागीं। तेल अवीव सहित कई बड़े शहरों में हवाई हमले की चेतावनी के सायरन बजे, और आसमान में मिसाइल रोकथाम प्रणाली के विस्फोट देखे गए।
- उत्तरी इजरायल में नुकसान: उत्तरी इजरायल में कई घर मिसाइल के मलबे की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि, अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
- खाड़ी देशों पर भी हमले: केवल इजरायल ही नहीं, बल्कि ईरान ने कुवैत, बहरीन और सऊदी अरब में भी मिसाइल और ड्रोन हमले किए। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसके पूर्वी प्रांत को निशाना बनाने वाले कई ईरानी ड्रोन नष्ट कर दिए गए।
- इजरायल का जवाबी हमला: इजरायल ने भी जवाब में लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी इलाकों पर हवाई हमले किए। ये इलाके ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के गढ़ माने जाते हैं।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ बातचीत के प्रयासों के बावजूद इजरायल ईरान और लेबनान पर हमले जारी रखेगा। उन्होंने कहा, “अभी और बहुत कुछ आना बाकी है।”
🗣️ बयानों की जंग: ट्रंप बोले- बातचीत हुई, ईरान बोला- फेक न्यूज
ट्रंप का दावा: 5 दिन की मोहलत, बातचीत में “बड़े बिंदुओं” पर सहमति
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर घोषणा की कि उन्होंने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले को 5 दिन के लिए स्थगित कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि पिछले दो दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच “बहुत अच्छी और रचनात्मक” बातचीत हुई है और “लगभग सभी बिंदुओं” पर सहमति बन गई है।
ट्रंप ने बताया कि उनके विशेष दूत और दामाद ने ईरान के एक शीर्ष अधिकारी से बातचीत की है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर 5 दिनों में बातचीत सफल नहीं हुई, तो “हम अपने दिल की शिद्दत से बमबारी करते रहेंगे।”
ईरान का खंडन: न तो कोई बातचीत हुई, न होगी
ट्रंप के इस दावे पर ईरान ने तत्काल पलटवार किया। ईरानी संसद अध्यक्ष ने साफ कहा कि अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने ट्रंप के बयान को “फेक न्यूज” करार दिया और कहा कि इसका इस्तेमाल तेल और वित्तीय बाजारों में हेराफेरी करने के लिए किया जा रहा है।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भी कहा कि पिछले 24 दिनों से चल रहे संघर्ष के दौरान ईरान का अमेरिका से कोई संपर्क नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि कुछ मित्र देशों के माध्यम से अमेरिका की ओर से बातचीत के संदेश आए हैं, लेकिन ईरान ने अभी उनका जवाब नहीं दिया है।
हालांकि, एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया को बताया कि “मध्यस्थों के माध्यम से अमेरिका से कुछ बिंदु प्राप्त हुए हैं और उनकी समीक्षा की जा रही है।”
🎯 बातचीत के पीछे कौन? पाकिस्तान और खाड़ी देश बिचौलिए?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच पर्दे के पीछे कूटनीतिक गतिविधियां जरूर हो रही हैं। एक यूरोपीय अधिकारी ने बताया कि दोनों देशों के बीच प्रत्यक्ष वार्ता नहीं हुई है, लेकिन मिस्र, पाकिस्तान और खाड़ी देश संदेशों के आदान-प्रदान में मध्यस्थता कर रहे हैं।
पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, युद्ध समाप्त करने के लिए प्रत्यक्ष वार्ता इसी सप्ताह इस्लामाबाद में हो सकती है। इन वार्ताओं में अमेरिकी उपराष्ट्रपति भी शामिल हो सकते हैं।
एक अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन के सलाहकारों ने युद्ध के बाद की संभावित रूपरेखा पर आंतरिक चर्चा शुरू कर दी है।
🛢️ बाजारों पर असर: तेल की कीमतों में उछाल
ट्रंप के 5 दिन के ठहराव की घोषणा के बाद सोमवार को तेल की कीमतों में 10% से अधिक की गिरावट आई और शेयर बाजारों में तेजी देखी गई। लेकिन ईरान के बातचीत से इनकार के बाद मंगलवार को फिर से तेल के दाम उछल गए।
- ब्रेंट क्रूड: 4.2% बढ़कर 104.21 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
- डब्ल्यूटीआई (अमेरिकी क्रूड): 4.3% बढ़कर 91.93 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
एक वैश्विक बाजार विश्लेषक ने कहा, “अंतर्निहित स्थिति अभी भी अविश्वसनीय रूप से नाजुक या विस्फोटक है।”
🌊 होर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट गहरा
होर्मुज जलडमरूमध्य, जहां से दुनिया के करीब 20% तेल और गैस का व्यापार होता है, अभी भी प्रभावी रूप से बंद है। ईरान ने कहा है कि वह अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगियों से जुड़े जहाजों को निशाना बनाता रहेगा।
ट्रंप ने शनिवार को ईरान को होर्मुज खोलने के लिए 48 घंटे की अल्टीमेटम दी थी, लेकिन अब यह समयसीमा 5 दिन बढ़ा दी गई है।
⚔️ आगे क्या? 5 दिन की राहत या अगले दौर की तैयारी?
ट्रंप ने साफ किया है कि 5 दिन की राहत सिर्फ ऊर्जा ठिकानों पर हमलों के लिए है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, सैन्य ठिकानों, नौसेना और बैलिस्टिक मिसाइलों पर हमले जारी रहेंगे।
वहीं, अमेरिका खाड़ी क्षेत्र में अतिरिक्त सैन्य बल भेज रहा है। कई मरीन इकाइयां, जिनमें हजारों सैनिक शामिल हैं, जहाजों पर सवार होकर कुछ ही दिनों में क्षेत्र में पहुंचने वाली हैं।
ईरानी सूत्रों के अनुसार, तेहरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने खार्ग द्वीप पर कब्जे की कोशिश की, तो वह फारस की खाड़ी में सुरंगें बिछा सकता है, जिससे क्षेत्र में सभी जहाजों के लिए खतरा पैदा हो जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के प्रमुख ने चेतावनी दी है कि अगर यह युद्ध लंबा चला, तो तेल संकट 1970 के दशक के ऑयल शॉक और रूस-यूक्रेन युद्ध से भी ज्यादा भयावह हो सकता है।
📊 एक नजर में: युद्ध के 25 दिन (28 फरवरी – 24 मार्च 2026)
| पहलू | आंकड़े/तथ्य |
|---|---|
| ईरान में मौत | 3,230 से अधिक (1,406 नागरिक) |
| इजरायल में मौत | 15 |
| अमेरिकी सैनिक हताहत | कम से कम 13 |
| तेल की कीमत (बढ़ोतरी) | युद्ध शुरू होने के बाद से 40% से अधिक |
| अमेरिकी सैन्य खर्च | 16.5 अरब डॉलर (अनुमानित) |
फिलहाल, युद्ध और कूटनीति के बीच उलझी यह जंग 5 दिन की राहत के बाद किस दिशा में जाती है, यह देखना बाकी है। क्या यह ठहराव वास्तविक शांति वार्ता की शुरुआत है या सिर्फ अगले दौर की तैयारी का समय – आने वाले दिन इसका फैसला करेंगे।
नोट: यह लेख 24 मार्च 2026 तक उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। स्थिति में बदलाव हो सकता है।
